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कोरबा जिले के बांकी मोंगरा स्थित ग्राम ढपढप में सजेगा बागेश्वर बाबा का दिव्य दरबार

कोरबा जिले के बांकी मोंगरा स्थित ग्राम ढपढप में सजेगा बागेश्वर बाबा का दिव्य दरबार

कोरबा/छत्तीसगढ़- कोरबा जिले के बांकी मोंगरा स्थित ग्राम ढपढप में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगामी कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। स्थानीय आयोजकों और खबरों के अनुसार, यह भव्य आयोजन 28 मार्च 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम के लिए ग्राम ढपढप में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल बनाने की योजना है ताकि गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं को राहत मिल सके और साथ ही स्थल के समतलीकरण का काम भी शुरू हो गया है। इतने बड़े स्तर के आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा भी सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान और पार्किंग स्थलों की चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।
भक्तों के लिए सलाह है कि कार्यक्रम में भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए वे समय से पहले पहुंचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। कार्यक्रम की सटीक तिथि, समय और रूपरेखा की अंतिम पुष्टि के लिए स्थानीय समाचार पत्रों या आयोजन समिति की आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखना सबसे बेहतर होगा।

1. दिव्य दरबार और हनुमंत कथा: इस कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रसिद्ध ‘दिव्य दरबार’ लगने की संभावना है, जहाँ वे भक्तों की अर्जियां सुनेंगे। इसके साथ ही हनुमंत कथा का वाचन भी किया जा सकता है।

2. लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद: कोरबा जिले के साथ-साथ पड़ोसी जिलों (बिलासपुर, जांजगीर-चांपा) और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुँचने का अनुमान है। इसे देखते हुए ग्राम ढपढप में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल बनाने की योजना है।

3. सुरक्षा और प्रशासन: इतने बड़े आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा यातायात व्यवस्था (Traffic Plan) और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। पार्किंग के लिए कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर अलग मैदान चिन्हित किए गए हैं।

4. स्थानीय उत्साह: बांकी मोंगरा क्षेत्र के लोगों और स्थानीय आयोजन समिति द्वारा घर-घर जाकर इस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया जा सकता है। क्षेत्र के मंदिरों में विशेष साफ-सफाई और सजावट की जा रही है।

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