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बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में सीएमओ की मनमानी चरम पर,  कमीशनखोरी और टैक्स के बोझ से जनता और ठेकेदार त्रस्त।

*बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में सीएमओ की मनमानी चरम पर,  कमीशनखोरी और टैक्स के बोझ से जनता और ठेकेदार त्रस्त।*

*बांकीमोंगरा:* नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और सीएमओ (मुख्य नगरपालिका अधिकारी) की मनमानी अपने चरम पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पालिका में बिना ‘सेवा-शुल्क’ (कमिशन) के कोई भी काम होना नामुमकिन हो चुका है, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है।

*बिल पास कराने के लिए महीनों लगाने पड़ रहे चक्कर:*
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, बांकीमोंगरा पालिका में विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने वाले ठेकेदारों को अपने ही किए गए कार्यों के भुगतान के लिए महीनों से भटकाया जा रहा है। आरोप है कि सीएमओ द्वारा ठेकेदारों कमीशन की मांग की जाती है। जो कई ठेकेदार कमीशन देने में असमर्थ हैं, उनके वैध बिलों को भी रोककर उन्हें पालिका के चक्कर काटने पर मजबूर किया जा रहा है। इसके चलते क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

*गरीबों पर दोहरी मार: राशन कार्ड के नाम पर टैक्स की वसूली:*
एक तरफ जहाँ सरकार गरीबों को राहत देने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं बांकीमोंगरा पालिका में नया राशन कार्ड बनवाने आने वाले गरीब परिवारों से टैक्स जमा करने की मांग की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब वर्ग के लोग आखिर इतना भारी-भरकम टैक्स कहाँ से पटाएंगे। इस तानाशाही रवैये के कारण कई पात्र हितग्राही सरकारी राशन से वंचित होने की कगार पर हैं।

*तीन साल से एक ही जगह जमे सीएमओ, आखिर किसका है संरक्षण?*
नियमों को ताक पर रखकर बांकीमोंगरा पालिका के सीएमओ पिछले लगभग 3 वर्षों से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पैर जमाए बैठे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कई नगर पालिकाओं के सीएमओ का तबादला किया गया, जिसमें पड़ोसी क्षेत्र दीपका के सीएमओ को भी बदला गया। लेकिन बांकीमोंगरा सीएमओ का ट्रांसफर न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके दम पर ये सारे नियमों को दरकिनार कर अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं।

विधायक प्रेमचंद पटेल ने उप-मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रेमचंद पटेल से कई तरह की शिकायतें की थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक प्रेमचंद पटेल ने राजधानी रायपुर जाकर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से बांकीमोंगरा सीएमओ की शिकायतों का पुलिंदा सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

*विपक्ष का हल्लाबोल और सरकार के सामने चुनौती!*
सीएमओ के इस तानाशाही पूर्ण रवैये के खिलाफ विपक्ष के पार्षदों और स्थानीय नेताओं द्वारा पूर्व में भी कई बार पालिका का घेराव और उग्र प्रदर्शन किया जा चुका है।
अब देखना यह होगा कि क्या छत्तीसगढ़ की वर्तमान भाजपा सरकार इस भ्रष्टाचार और मनमानी पर संज्ञान लेगी। क्या बांकीमोंगरा के सीएमओ का यहाँ से तबादला कर जनता को राहत दी जाएगी, या फिर यह प्रशासनिक तानाशाही इसी तरह फलती-फूलती रहेगी, यह क्षेत्र में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।

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